1. om gan ganpataye namah Lyrics
Om gan ganapathaye namo namaha
Shri sidhivinayaka namo namaha
Ashta vinayaka namo namaha
Ganapathi bappa moraya
Om gan ganapathaye namo namaha
Shri sidhivinayaka namo namaha
Ashta vinayaka namo namaha
Ganapathi bappa moraya
Om gan ganapathaye namo namaha
Shri sidhivinayaka namo namaha
Ashta vinayaka namo namaha
Ganapathi bappa moraya
Om gan ganapathaye namo namaha
Shri sidhivinayaka namo namaha
Ashta vinayaka namo namaha
Ganapathi bappa moraya
Om gan ganapathaye namo namaha
Shri sidhivinayaka namo namaha
Ashta vinayaka namo namaha
Ganapathi bappa moraya
Om gan ganapathaye namo namaha
Shri sidhivinayaka namo namaha
Ashta vinayaka namo namaha
Ganapathi bappa moraya
Om gan ganapathaye namo namaha
Shri sidhivinayaka namo namaha
Ashta vinayaka namo namaha
Ganapathi bappa moraya
ॐ गन गणपतए नमो नमः श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
ॐ गन गणपतए नमो नमः
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
ॐ गन गणपतए नमो नमः
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
ॐ गन गणपतए नमो नमः
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
ॐ गन गणपतए नमो नमः
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
ॐ गन गणपतए नमो नमः
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
ॐ गन गणपतए नमो नमः
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
श्री सिद्धि विनायक नमो नमः
अष्टविनायक नमो नमः
गणपति बाप्पा मोरया
2. श्री गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa)
जय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल।
विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥
जय जय जय गणपति राजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥
जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥
वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन। तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥
राजित मणि मुक्तन उर माला। स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥
पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं। मोदक भोग सुगन्धित फूलं॥
सुन्दर पीताम्बर तन साजित। चरण पादुका मुनि मन राजित॥
धनि शिवसुवन षडानन भ्राता। गौरी ललन विश्व-विधाता॥
ऋद्धि सिद्धि तव चँवर डुलावे। मूषक वाहन सोहत द्वारे॥
कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी। अति शुचि पावन मंगल कारी॥
एक समय गिरिराज कुमारी। पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी॥
भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा। तब पहुंच्यो तुम धरि द्विज रूपा।
अतिथि जानि कै गौरी सुखारी। बहु विधि सेवा करी तुम्हारी॥
अति प्रसन्न ह्वै तुम वर दीन्हा। मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥
मिलहि पुत्र तुहि बुद्धि विशाला। बिना गर्भ धारण यहि काला॥
गणनायक गुण ज्ञान निधाना। पूजित प्रथम रूप भगवाना॥
अस कहि अन्तर्धान रूप ह्वै। पलना पर बालक स्वरूप ह्वै॥
बनि शिशु रुदन जबहि तुम ठाना। लखि मुख सुख नहिं गौरि समाना॥
सकल मगन सुख मंगल गावहिं। नभ ते सुरन सुमन वर्षावहिं॥
शम्भु उमा बहुदान लुटावहिं। सुर मुनि जन सुत देखन आवहिं॥
लखि अति आनन्द मंगल साजा। देखन भी आए शनि राजा॥
निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं। बालक देखन चाहत नाहीं॥
गिरजा कछु मन भेद बढ़ायो। उत्सव मोर न शनि तुहि भायो॥
कहन लगे शनि मन सकुचाई। का करिहौ शिशु मोहि दिखाई॥
नहिं विश्वास उमा कर भयऊ। शनि सों बालक देखन कह्यऊ॥
पड़तहिं शनि दृग कोण प्रकाशा। बालक शिर उड़ि गयो आकाशा॥
गिरजा गिरीं विकल ह्वै धरणी। सो दुख दशा गयो नहिं वरणी॥
हाहाकार मच्यो कैलाशा। शनि कीन्ह्यों लखि सुत को नाशा॥
तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधाए। काटि चक्र सो गज शिर लाए॥
बालक के धड़ ऊपर धारयो। प्राण मन्त्र पढ़ शंकर डारयो॥
नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे। प्रथम पूज्य बुद्धि निधि वर दीन्हे॥
बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा। पृथ्वी की प्रदक्षिणा लीन्हा॥
चले षडानन भरमि भुलाई। रची बैठ तुम बुद्धि उपाई॥
चरण मातु-पितु के धर लीन्हें। तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥
धनि गणेश कहि शिव हिय हरषे। नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥
तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई। शेष सहस मुख सकै न गाई॥
मैं मति हीन मलीन दुखारी। करहुं कौन बिधि विनय तुम्हारी॥
भजत रामसुन्दर प्रभुदासा। लख प्रयाग ककरा दुर्वासा॥
अब प्रभु दया दीन पर कीजै। अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै॥
दोहा
श्री गणेश यह चालीसा पाठ करें धर ध्यान।
नित नव मंगल गृह बसै लहे जगत सन्मान॥
3.Shri Ganesh Suprabhatam Lyrics
उठो जगो गणपति गजमुख अब
मंगल शुभ प्रभात आया।
मंगल करण भरण जन जन सुख,
सूर्य उदित नभ पर छाया।
श्री ऋषकेतू उमानन्दन,
श्री ओंकार के रूप प्रभो,
कमलनयन खोलो देखो खिल,
गए कमल सर्वत्र विभोर।
जय जय सुर गिरिजा के नंदन,
दुःख भंजन जय असुरारी,
जय जय जय सुर मुनि मन रंजन,
उमापुत्र सुत त्रिपुरारी,
भीड़ लगी है सौद द्वार पर,
वहीं भक्त करते वंदन।
कमलनयन सुख सदन,दयानिधि,
कृपा करो गिरिजा नंदन
चंद्र वदन गजवदन मनोहर,
दीन दुखी पर कृपा करो।
विघ्नकरण सब विघ्न विनाशक,
भक्तों के सब पाप हरो
सुप्रभात की बेला आयी,
मंगल सुप्रकाश फैला।
खिले कमल मूंद गई कुमुदनी,
गया अंधकार मैला।
सप्तर्षि वंदन करके अब,
लौट गये आनंद मगन।
उठो हे रम्भ सुख सदन दयानिधि,
उमालाल सम्पूर्ण गगन,
फैला शुभ आलोक चतुर्विक,
पवन बहे अति सुखदाई।
दिव्यगंध से सुरभित तन मन,
अरुण किरण अति मुद दाई
नारदादि ऋषिमुनि जन सारे,
सुन्दर स्तुति गान करे।
शुभ प्रभात की शुभ बेला में,
भजन यजन सम्मान करे,
कहीं गूंजते स्वर वीणा के,
कहीं भेरी तुरहि श्रृंगी।
मधुर मुरली का स्वर सुन सुनकर,
गुन गुन करते हैं भृंगी,
मंद मंद वादन मृदंग का,
गूंज रहा घन गर्जन सा।
शीतल मंद सुगंध पवन से,
करते तरु नर तन जैसा,
घंटा शंख घड़ियाल मंजीरे,
शब्द करे अति सुखदायी।
पत्ते पत्ते फूल फूल पर अरुणिम,
ज्योति किरण छाई,
दया और करुणा के सागर,
श्री गणपति सब विघ्न हरो,
सबकी मनो कामना पूरन,
कर दो सबके पाप हरो।
मंगल शुभ प्रभात आया।
मंगल करण भरण जन जन सुख,
सूर्य उदित नभ पर छाया।
श्री ऋषकेतू उमानन्दन,
श्री ओंकार के रूप प्रभो,
कमलनयन खोलो देखो खिल,
गए कमल सर्वत्र विभोर।
जय जय सुर गिरिजा के नंदन,
दुःख भंजन जय असुरारी,
जय जय जय सुर मुनि मन रंजन,
उमापुत्र सुत त्रिपुरारी,
भीड़ लगी है सौद द्वार पर,
वहीं भक्त करते वंदन।
कमलनयन सुख सदन,दयानिधि,
कृपा करो गिरिजा नंदन
चंद्र वदन गजवदन मनोहर,
दीन दुखी पर कृपा करो।
विघ्नकरण सब विघ्न विनाशक,
भक्तों के सब पाप हरो
सुप्रभात की बेला आयी,
मंगल सुप्रकाश फैला।
खिले कमल मूंद गई कुमुदनी,
गया अंधकार मैला।
सप्तर्षि वंदन करके अब,
लौट गये आनंद मगन।
उठो हे रम्भ सुख सदन दयानिधि,
उमालाल सम्पूर्ण गगन,
फैला शुभ आलोक चतुर्विक,
पवन बहे अति सुखदाई।
दिव्यगंध से सुरभित तन मन,
अरुण किरण अति मुद दाई
नारदादि ऋषिमुनि जन सारे,
सुन्दर स्तुति गान करे।
शुभ प्रभात की शुभ बेला में,
भजन यजन सम्मान करे,
कहीं गूंजते स्वर वीणा के,
कहीं भेरी तुरहि श्रृंगी।
मधुर मुरली का स्वर सुन सुनकर,
गुन गुन करते हैं भृंगी,
मंद मंद वादन मृदंग का,
गूंज रहा घन गर्जन सा।
शीतल मंद सुगंध पवन से,
करते तरु नर तन जैसा,
घंटा शंख घड़ियाल मंजीरे,
शब्द करे अति सुखदायी।
पत्ते पत्ते फूल फूल पर अरुणिम,
ज्योति किरण छाई,
दया और करुणा के सागर,
श्री गणपति सब विघ्न हरो,
सबकी मनो कामना पूरन,
कर दो सबके पाप हरो।
4. Mere angana padhare ganesh aab
ॐ गण गणपतये नमो नमः
ॐ गण गणपतये नमो नमः
मेरे अंगना,
मेरे अंगना पधारे गणेश,
मेरे अँगना पधारे गणेश,
अब सब शुभ होगा।
संग आये मैया गौरी और महेश,
संग आये मैया गौरी और महेश,
अब सब शुभ होगा,
मेरे अंगना पधारे गणेश,
मेरे अँगना पधारे गणेश,
अब सब शुभ होगा।
रिद्धि सिद्धि की आज बरसात होगी,
शुभ लाभ से भी आज मुलाकात होगी,
आज रिद्धि सिद्धि की आज बरसात होगी,
रिद्धि सिद्धि की आज बरसात होगी,
शुभ लाभ से भी आज मुलाकात होगी,
ये घड़ी दिन पल है विशेष,
अब सब शुभ होगा,
मेरे अंगना पधारे गणेश,
मेरे अँगना पधारे गणेश,
अब सब शुभ होगा।
ले लेंगे दुःख मेरे घर से विदाई,
गूँजेगी सुख की सदा शहनाई,
ले लेंगे दुःख मेरे घर से विदाई,
ले लेंगे दुःख मेरे घर से विदाई,
गूंजेगी सुख की सदा शहनाई ।
विघ्न होगा न कोई कलेश,
अब सब शुभ होगा,
मेरे अंगना पधारे गणेश,
मेरे अँगना पधारे गणेश,
अब सब शुभ होगा।
अब सब मंगल मंगल होगा,
शुभ कर्मों का शुभ फल होगा,
अब सब मंगल मंगल होगा,
अब सब मंगल मंगल होगा,
शुभ कर्मों का शुभ फल होगा ।
लाये गणराज खुद ये सन्देश,
अब सब शुभ होगा,
मेरे अंगना पधारे गणेश,
मेरे अँगना पधारे गणेश,
अब सब शुभ होगा।
ॐ गण गणपतये नमो नमः
मेरे अंगना,
मेरे अंगना पधारे गणेश,
मेरे अँगना पधारे गणेश,
अब सब शुभ होगा।
संग आये मैया गौरी और महेश,
संग आये मैया गौरी और महेश,
अब सब शुभ होगा,
मेरे अंगना पधारे गणेश,
मेरे अँगना पधारे गणेश,
अब सब शुभ होगा।
रिद्धि सिद्धि की आज बरसात होगी,
शुभ लाभ से भी आज मुलाकात होगी,
आज रिद्धि सिद्धि की आज बरसात होगी,
रिद्धि सिद्धि की आज बरसात होगी,
शुभ लाभ से भी आज मुलाकात होगी,
ये घड़ी दिन पल है विशेष,
अब सब शुभ होगा,
मेरे अंगना पधारे गणेश,
मेरे अँगना पधारे गणेश,
अब सब शुभ होगा।
ले लेंगे दुःख मेरे घर से विदाई,
गूँजेगी सुख की सदा शहनाई,
ले लेंगे दुःख मेरे घर से विदाई,
ले लेंगे दुःख मेरे घर से विदाई,
गूंजेगी सुख की सदा शहनाई ।
विघ्न होगा न कोई कलेश,
अब सब शुभ होगा,
मेरे अंगना पधारे गणेश,
मेरे अँगना पधारे गणेश,
अब सब शुभ होगा।
अब सब मंगल मंगल होगा,
शुभ कर्मों का शुभ फल होगा,
अब सब मंगल मंगल होगा,
अब सब मंगल मंगल होगा,
शुभ कर्मों का शुभ फल होगा ।
लाये गणराज खुद ये सन्देश,
अब सब शुभ होगा,
मेरे अंगना पधारे गणेश,
मेरे अँगना पधारे गणेश,
अब सब शुभ होगा।
5. Jay Hove Ganapati gauri lal ki
जय होवे जय होवे,
तेरी जय होवे,
शिव गौरा दे लाल दी,
देवां दे सरताज दी,
गणपत गौरी लाल की,
तेरी जय होवे,
शिव गौरा दे लाल,
तेरी जय होवे,
जय होवे जय होवे,
तेरी जय होवे।
माँ गौरा दी शक्ति गनपत,
वेदा दा है ज्ञाता,
देवा दा वि प्यारा गनपत,
जग दा भाग्य विधाता,
एकदंत दी मूरत देखो,
दयावंत है कहलाता,
शिव गौरा दे लाल दी,
देवा दे सरताज दी,
गनपत गौरी लाल की,
तेरी जय होवे,
शिव गौरा दे लाल,
तेरी जय होवे,
जय होवे जय होवे,
तेरी जय होवे।
दीन दयाला शिव नंदन,
है कितना सुन्दर दाता,
पीले वस्त्र हार भी पीले,
पीला भोग लगाता,
पीला भोग लगाता,
सूरज चाँद सितारों को तू,
शक्ति से चमकाता,
शिव गौरा दे लाल दी,
देवा दे सरताज दी,
गनपत गौरी लाल की,
तेरी जय होवे,
शिव गौर दे लाल,
तेरी जय होवे,
जय होवे जय होवे,
तेरी जय होवे।
तेरी जय होवे,
शिव गौरा दे लाल दी,
देवां दे सरताज दी,
गणपत गौरी लाल की,
तेरी जय होवे,
शिव गौरा दे लाल,
तेरी जय होवे,
जय होवे जय होवे,
तेरी जय होवे।
माँ गौरा दी शक्ति गनपत,
वेदा दा है ज्ञाता,
देवा दा वि प्यारा गनपत,
जग दा भाग्य विधाता,
एकदंत दी मूरत देखो,
दयावंत है कहलाता,
शिव गौरा दे लाल दी,
देवा दे सरताज दी,
गनपत गौरी लाल की,
तेरी जय होवे,
शिव गौरा दे लाल,
तेरी जय होवे,
जय होवे जय होवे,
तेरी जय होवे।
दीन दयाला शिव नंदन,
है कितना सुन्दर दाता,
पीले वस्त्र हार भी पीले,
पीला भोग लगाता,
पीला भोग लगाता,
सूरज चाँद सितारों को तू,
शक्ति से चमकाता,
शिव गौरा दे लाल दी,
देवा दे सरताज दी,
गनपत गौरी लाल की,
तेरी जय होवे,
शिव गौर दे लाल,
तेरी जय होवे,
जय होवे जय होवे,
तेरी जय होवे।
6. He prathameswar, Gauri Nandan
ओम गं गणपतये नमह, ओम गं गणपतये नमह,
ओम गं गणपतये नमह, ओम गं गणपतये नमह,
ओम गं गणपतये नमह, ओम गं गणपतये नमह,
हे प्रथमेश्वर, गौरी नंदन, सौ सौ बार करूँ तुझे वंदन,
तेरी पूजा करता जो पहले, भरता भंडारे शिव नंदन,
हे प्रथमेश्वर, गौरी नंदन, सौ सौ बार करूँ तुझे वंदन।
हर पूजा में सबसे पहले, तेरा जो वंदन करता देवा,
उसके सिद्ध काज सब करके, बाधाएँ तू हरता देवा,
ओम गं गणपतये नमह, ओम गं गणपतये नमह,
ओम गं गणपतये नमह, ओम गं गणपतये नमह,
भुवन पति है, बुद्धि विधाता, सुमिरे तुमको शुभगुणकानन,
हे प्रथमेश्वर, गौरी नंदन, सौ सौ बार करूँ तुझे वंदन,
तेरी पूजा करता जो पहले, भरता भण्डारे शिव नंदन,
हे प्रथमेश्वर, गौरी नंदन, सौ सौ बार करूं तुझे वंदन।
मात पिता का, फेरा लगाया, तूने उन्हें ब्रह्माण्ड मान के,
प्रसन्न हुए तब मात पिता उन्हें, अद्भुद बुद्धिमान जान के,
ओम गं गणपतये नमह, ओम गं गणपतये नमह,
ओम गं गणपतये नमह, ओम गं गणपतये नमह,
माटी तेरा जो सानिध्य पाए, बन जाएँ प्रभु क्षण में चन्दन,
हे प्रथमेश्वर, गौरी नंदन, सौ सौ बार करूँ तुझे वंदन,
तेरी पूजा करता जो पहले, भरता भण्डारे शिव नंदन,
हे प्रथमेश्वर, गौरी नंदन, सौ सौ बार करूं तुझे वंदन।
तेरी अर्चना जग में निराली, सिद्ध काज कर देने वाली,
भक्तों को देकर तूने शुभ वर, क्षण में उनकी विघ्न है टाली,
ओम गं गणपतये नमह, ओम गं गणपतये नमह,
ओम गं गणपतये नमह, ओम गं गणपतये नमह,
विघ्न हमारे भी सब हर लेना, विघ्न विनाशक मेरे भगवान्,
हे प्रथमेश्वर, गौरी नंदन, सौ सौ बार करूँ तुझे वंदन,
तेरी पूजा करता जो पहले, भरता भण्डारे शिव नंदन,
हे प्रथमेश्वर, गौरी नंदन, सौ सौ बार करूं तुझे वंदन।
7. Aaa Gaye Dekho Bappa Ganesh
मंगल गाओ बाजे बजाओ
कह दो ये सबको ज़ोर ज़ोर से
हरने तेरे दुःख कलेश
आ गये देखो बाप्पा गणेश,
हरने तेरे दुःख कलेश
आ गये देखो बप्पा गणेश
फूलों की माला है तेरे लिए
मोदक के लड्डू हैं तेरे लिए
तुझको मनाएंगे तुझको रिझाएंगे,
केह देंगे सबको ज़ोर ज़ोर से
हरने तेरे दुःख कलेश
आ गये देखो बप्पा गणेश
हरने तेरे दुःख कलेश
आ गये देखो बप्पा गणेश।
शिव के पुत्र मेरे बप्पा गणेश
गौरी के नंदन है मेरे गणेश
शिव के पुत्र मेरे बप्पा गणेश
गौरी के नंदन है मेरे गणेश
झूम के गायेंगे, नाच के गाएंगे
कह देंगे सबको ज़ोर ज़ोर से
मंगल गाओ बाजे बजाओ
केह दो ये सबको ज़ोर ज़ोर से
हरने तेरे दुःख कलेश
आ गये देखो बाप्पा गणेश
कह दो ये सबको ज़ोर ज़ोर से
हरने तेरे दुःख कलेश
आ गये देखो बाप्पा गणेश,
हरने तेरे दुःख कलेश
आ गये देखो बप्पा गणेश
फूलों की माला है तेरे लिए
मोदक के लड्डू हैं तेरे लिए
तुझको मनाएंगे तुझको रिझाएंगे,
केह देंगे सबको ज़ोर ज़ोर से
हरने तेरे दुःख कलेश
आ गये देखो बप्पा गणेश
हरने तेरे दुःख कलेश
आ गये देखो बप्पा गणेश।
शिव के पुत्र मेरे बप्पा गणेश
गौरी के नंदन है मेरे गणेश
शिव के पुत्र मेरे बप्पा गणेश
गौरी के नंदन है मेरे गणेश
झूम के गायेंगे, नाच के गाएंगे
कह देंगे सबको ज़ोर ज़ोर से
मंगल गाओ बाजे बजाओ
केह दो ये सबको ज़ोर ज़ोर से
हरने तेरे दुःख कलेश
आ गये देखो बाप्पा गणेश
8. Maa Gauri ke Laal Aao Krtan Me
मां गौरा के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
मंदिर सजा के करूँ वंदन में,
प्यारी प्यारी छवि दिखलाओ कीर्तन में,
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
पहले गजानन तुमको मनाऊँ,
संग सारे देव बुलाऊँ कीर्तन में,
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
सिर पे मुकुट मुसे की सवारी,
ठुमक ठुमक चले आओ कीर्तन में,
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
रिद्धी सिद्धी को तुम साथ में लाना,
शुभ और लाभ को लाओ कीर्तन में,
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
लडड़ू और मोदक भोग धरे हैं,
आओ आके भोग लगाओ कीर्तन में,
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
विनति सुनो अमर की देवा,
भक्तो के काम बनाओ कीर्तन में,
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
मां गौरा के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
मंदिर सजा के करूँ वंदन में,
प्यारी प्यारी छवि दिखलाओ कीर्तन में,
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
पहले गजानन तुमको मनाऊँ,
संग सारे देव बुलाऊँ कीर्तन में,
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
सिर पे मुकुट मुसे की सवारी,
ठुमक ठुमक चले आओ कीर्तन में,
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
रिद्धी सिद्धी को तुम साथ में लाना,
शुभ और लाभ को लाओ कीर्तन में,
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
लडड़ू और मोदक भोग धरे हैं,
आओ आके भोग लगाओ कीर्तन में,
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
विनति सुनो अमर की देवा,
भक्तो के काम बनाओ कीर्तन में,
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
मां गौरा के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
माँ गौरी के लाल आओ कीर्तन में,
आओ कीर्तन में, तुम आओ कीर्तन में।
9. Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एक दन्त दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे, मुसे की सवारी॥
पान चढ़े फुल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लडुवन का भोग लगे, संत करे सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
सुर श्याम शरण आये, सफल किजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva
Mata Jaaki Parvati Pita Mahadeva
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva
Mata Jaaki Parvati Pita Mahadeva
Ek Dant Dayavant, Chaar Bhuja Dhaari
Maathe Pe Sindhoor Sohe, Muse Ki Savari
Paan Chadhe, Phul Chadhe, Aur Chadhe Meva
Ladduan Ka Bhog Lage, Sant Kare Seva
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva
Mata Jaaki Parvati Pita Mahadeva
Andhan Ko Aankh Det, Kodhin Ko Kaaya
Baanjhan Ko Putra Det, Nirdhan Ko Maaya
Surya Shaam Sharan Aye, Safalki Je Seva
Mata Jaaki Parvati Pita Mahadeva
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva
Mata jaaki Parvati, Pita Mahadeva
10.
व्रकतुंड महाकाय, सूर्यकोटी समप्रभाः।
निर्वघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा॥
निर्वघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा॥

ConversionConversion EmoticonEmoticon